सुनसान सड़क पर नंगी होकर चूत और गांड चुदाई

न्यूड गर्ल रोड सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि एक चालू जवान लड़की क्लब में दारू पार्टी के बाद घर लौट रही थी तो उसने कैसे सड़क पर जा रहे मजदूरों से चूत गांड मरवा ली.

दोस्तो, मेरा नाम नरगिस बानो है.
मैं एक शादीशुदा महिला हूं और मेरा फिगर 36-32-38 का है.

मैं क्सक्सक्स कहानी डॉट कॉम की नियमित पाठिका हूं.
मुझे फैमिली सेक्स स्टोरीज और गैंगबैंग सेक्स स्टोरीज पढ़ना बहुत पसंद हैं.

आज मैं आपके सामने अपनी चूत चुदाई की कहानी लिखने जा रही हूं, जो कि पूर्ण रूप से एक सच्ची घटना है.

Nude Girl Road Sex Story में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको बता दूं कि मैं बहुत चुदक्कड़ महिला हूं; मुझे सेक्स करना बहुत पसंद है और मैं सेक्स का कोई भी मौका नहीं छोड़ती हूं.

यह सेक्स कहानी मेरी शादी से कुछ साल पहले की उस समय की है जब मैं एक अमीर घर की बिगड़ैल और अय्याश लड़की थी, जिसे ना अपनी परवाह थी और ना अपने मां बाप की.

मैंने शादी से पहले कई बार सेक्स किया है.
पर आज जो कहानी मैं आपको बताने जा रही हूं, वह सबसे अलग है जब दो अजनबी मजदूरों ने मुझे सड़क पर नंगी करके चोदा था.

यह तब की बात है, जब मैं अपने दोस्तों के साथ क्लब में अपनी एक फ्रेंड की बर्थडे पार्टी सेलिब्रेट कर रही थी और हमने जमकर शराब पी थी.

मैं शराब के पूरे नशे में थी और चुदने के लिए पूरे मूड में थी.
पर तभी मेरे बॉयफ्रेंड के पिताजी का फोन आया और वह मुझे क्लब में अकेला छोड़कर चला गया.

मेरा पूरा मूड खराब हो गया और मैं क्लब से बाहर आ गई.
मैं पैदल ही अपने घर की ओर चल दी क्योंकि मेरा घर ज्यादा दूर नहीं था.

पर तभी अचानक बारिश शुरू हो गई और मैं पूरी तरह भीग गई.
मैंने एक छोटा सा स्कर्ट और टॉप पहन रखा था और अन्दर ब्रा भी नहीं पहनी थी जिससे मेरे निप्पल दिखने लगे.

मेरी स्कर्ट भी इतनी छोटी थी कि मुश्किल से मेरे चूतड़ ढक पा रही थी और उसमें झुकने पर मेरी गुलाबी पैंटी साफ़ नजर आ जाती थी.

मैं भीगने से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गई.
पर मुझे हल्की ठंड लग रही थी.
मेरे पर्स में शराब का हाफ पड़ा था. मैंने घर जाकर पीने के लिए रख लिया था.

सर्दी लगने पर मैंने बोतल निकाली और मुँह से लगा कर दो बड़े घूंट नीट ही खींच लिए. शराब की कड़वाहट से मुँह का स्वाद बदलने के लिए मैंने सिगरेट सुलगाई और कश लगाने लगी.
अब शराब और सिगरेट के नशे में मुझे चुदास कुछ ज्यादा ही चढ़ने लगी.

नशे में मुझे यह भी होश ना रहा कि मैं सड़क पर खड़ी हूं और मैं अपने बदन को सहलाने में लगी हूँ.
मैं अपनी चूत को पैंटी के ऊपर से ही मसलने लगी.

तभी मुझे कुछ आवाज सुनाई दी तो मैं घबरा गई और इधर-उधर देखने लगी.
वहां कुछ ही दूरी पर दो आदमी फुटपाथ के किनारे लेटे हुए थे, जो लगातार मेरी ही तरफ देख रहे थे.

शायद उन्होंने मुझे चूत में उंगली करते हुए देख लिया था.
वे लोग शायद मजदूर थे जो वहां फुटपाथ के किनारे सो रहे थे.
जब मेरी नजर उन पर पड़ी तो मैंने देखा कि वो दोनों हट्टे-कट्टे मर्द मेरी तरफ ललचाई नजरों से देख रहे थे.

उन्हें कामुक नजरों से देखते पाकर मेरी चुदाने की इच्छा और बढ़ गई और मैं वहां से चली जाने के बजाए वहीं अपनी चूत और जोर-जोर से मसलने लगी.
इससे उनकी हिम्मत बढ़ गई और वह लोग उठ कर मेरे पास आ गए.

एक बोला- मैडम, क्या हम आपकी कुछ मदद कर दें?

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वह दोनों किसी पहलवान से कम नहीं थे उनके सुडौल शरीर उनके तगड़े मर्द होने की गवाही दे रहे थे.
एक साथ दो दो लौड़े देखकर मेरी चूत गांड कुलबुलाने लगी और मैं मुस्कुरा उठी.

मैंने कहा- हां जरूर … अगर तुम मेरी मदद कर सको तो कर दो.
मेरा यह कहना था कि उनमें से एक ने सीधा मेरी चूत पर हाथ रखा और उसे अपनी मुट्ठी में पकड़ कर दबा दिया.

मेरे तो मुँह से सिसकारी निकल गई.
वो दोनों ही मेरे जिस्म के साथ खेलने लगे और मैं भी उनके पैंट के ऊपर से ही उनके लंड सहलाने लगी.

अब मैं वासना के गहरे समंदर में डूब चुकी थी.
मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था कि मैं कहां हूं और किनके साथ हूं. मुझे तो बस एक तगड़ी चुदाई की जरूरत थी जो यह दोनों मर्द मुझे दे सकते थे.

मैं भी उनका भरपूर साथ देने लगी.

तभी वहां से एक कार गुजरी और हम तीनों तुरंत सीधे खड़े हो गए.
कार के गुजरने के बाद वह दोनों फिर से मुझे चुम्मा चाटी करने लगे.

पर मैंने कहा- यहां कोई आ जाएगा, कहीं और चलते हैं.
तो वह दोनों मुझे वहीं हाईवे सड़क के पुल के नीचे ले गए.

अब हमें कोई देखने वाला नहीं था. वहां पहुंचते ही दोनों भूखे शेरों की तरह मुझ पर टूट पड़े.
मुझे भी ऐसे जंगली चुदाई अच्छी लगती है, तो मैं भी उनका साथ देने लगी.

देखते ही देखते उन्होंने मेरा टॉप और स्कर्ट उतार कर वहीं एक तरफ फेंक दिया.
अब मैं सिर्फ अपनी गुलाबी पैंटी में उनके सामने खड़ी थी जो मुश्किल से मेरी चूत को छुपा पा रही थी.

वह इतनी छोटी थी कि मेरे दोनों चूतड़ों की दरार में फंस चुकी थी.

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उनमें से एक आगे बढ़ा और एक ही झटके में मेरी पैंटी को फाड़कर मेरे जिस्म से अलग कर दिया और मुझे मादरजात नंगी कर दिया.
फिर मैंने भी आगे बढ़ कर उन दोनों के पैंट अंडरवियर सहित नीचे खींच दिए.

वो दोनों भी अब नंगे थे.
मैं घुटने के बल बैठ गई और अपने हाथों से उन दोनों का लौड़ा सहलाने लगी.

उनमें से एक ने मुझे मुँह खोलने का इशारा किया तो मैंने खुशी खुशी उसके लौड़े को अपने मुँह में ले लिया और उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.
साथ ही दूसरे का लौड़ा अपने हाथ से सहलाने लगी.

वो दोनों ही अब पूरी मस्ती में मुझसे अपना लंड चुसवा रहे थे.

थोड़ी देर की लंड चुसाई के बाद ही वो आदमी मेरे मुँह में झड़ गया और मैंने उसका पूरा माल पी लिया.
अब दूसरे का लौड़ा मैं अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और इस तरह उसका भी माल झाड़ दिया.

अब वह दोनों फिर से मुझे यहां वहां चूमने लगे. मेरे बूब्स दबाने चूसने और काटने लगे.
मेरे मुँह से कामुक सिसकारियां निकली जा रही थीं और वो दोनों मजे ले लेकर मेरे बदन को नौच रहे थे.

अब मेरे लिए और सहन कर पाना मुश्किल था.
मैं चिल्ला दी- आह मादरचोदो … अब क्या ऐसे ही नौचते रहोगे, दम नहीं है क्या भोसड़ी के … तुम्हारे लौड़े मर गए हैं क्या … साले चूसते ही रहोगे अब चुदाई भी कर लो.

मेरी बात सुनकर वे दोनों हंसने लगे.
मेरे बाल पकड़कर मुझे जमीन पर पटक दिया और मेरी टांगें खोलकर उनमें से एक मुझ पर चढ़ गया और मेरी चूत पर थूक लगाकर एक ही झटके में अपना लौड़ा मेरी चूत में पेल दिया.
पर उसके मोटे लंड के हिसाब से मेरी चूत टाइट होने के कारण उसका लौड़ा चूत में घुसने की जगह फिसल गया.

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उसने दोबारा अपना लौड़ा मेरी चूत पर सैट किया और एक झटका लगा दिया.

इस बार उसका आधे से ज्यादा लौड़ा मेरी चूत में घुस गया.
मेरी चीख निकल गई- आह उह … आ आ आह आहहह … मर गई.

पर वो कहां रुकने वाला था … उसने मुझे कसके दबा दिया और अगले ही झटके में अपना पूरा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया.
वो मुझे हचक कर चोदने लगा.

दूसरे आदमी से भी कंट्रोल ना हुआ और उसने भी अपना लौड़ा मेरे मुँह में पेल दिया.
अब मेरी चूत और मुँह दोनों साइड से मेरी जबरदस्त चुदाई होने लगी.

मैं मजे लेकर चुदवा रही थी.
एक लौड़ा मेरी चूत फाड़ रहा था और दूसरे का लंड मेरे मुँह को चोद रहा था.

वह जब भी मेरे मुँह में लंड अन्दर तक डालता, उसका मोटा लंड मेरे हलक तक चला जाता.
दूसरा मेरी चूत में लंड पेल कर मेरी बच्चेदानी तक ठोकर दे रहा था.

मेरी मस्त चुदाई हो रही थी और मैं भी पूरे जोश में आकर चिल्ला चिल्ला कर चुदवा रही थी- आज मजा आ गया … आह दो दो राजा ऐसे ही चोदो मुझे … बहुत दिनों बाद ऐसे मजबूत लंड मिले हैं. आह आज नहीं छोडूंगी तुम्हें … आज तो पूरी रात चूत चुदाऊंगी तुमसे … चोदो मादरचोदो, फाड़ दो मेरी चूत!

मेरे मुँह से गालियां सुनकर उन्हें भी जोश आ गया और एक बोला- साली रंडी, बहुत आग है तेरी चूत में … भैन की लवड़ी … आज पूरी रात ऐसा चोदेंगे कि हमारे लौड़े कभी भूल ही नहीं पाएगी मादरचोद रंडी … आज तो तेरी मां चोद देंगे हरामिन … साली तुझे ऐसा चोदेंगे कि तेरी चूत फट जाएगी. सुबह तक चुदेगी तो तू लंगड़ा कर चलेगी ले कुतिया लंड ले आह!

फिर वो मुझे खूब जोर जोर से चोदने लगा. मेरी चूत अब तक पानी छोड़ चुकी थी, पर वह रुकने वाला कहां था.
दोनों मुझे मजे ले लेकर चोद रहे थे.

अचानक उनमें से एक, जिसका लंड मेरी चूत में था, उसने अपना पूरा लंड बाहर निकाल दिया और मेरे मुँह की तरफ आ गया.
और जो मुझे लौड़ा चुसा रहा था, वह आकर मेरी चूत को चोदने लगा.

अब उन्होंने मेरी चुदाई फिर से शुरू कर दी.
मुझे भी लंड बदल कर चुदवाने में बहुत मजा आ रहा था.

थोड़ी देर इस तरह चोदने के बाद एक ने कहा- चल कुतिया, अब घोड़ी बन जा!
मैं भी मजे से उठी और कुतिया बन गई.

उनमें से एक मेरी गांड पर थूक लगाने लगा.
मैं समझ गई अब मेरी गांड भी मारी जाएगी.

मैंने उसे मना किया, पर वह कहां मानने वाला था.

उसने खूब सारा गांड पर थूक लगाया और मेरी गांड को चिकना कर दिया.
मैं भी जान चुकी थी कि गांड तो मरवानी ही पड़ेगी तो मैं उसका साथ देने लगी.

उसने अपने लौड़े को थूक से चिकना किया और अपना सुपारा मेरी गांड पर टिका दिया.
फिर एक ही झटके में अपना पूरा का पूरा लंड मेरी गांड में पेलने लगा.

मेरी तो जान निकल गई और मैं दर्द से बिलबिलाने लगी. मेरे मुँह में भी दूसरा लंड घुसा होने से मेरी आवाज नहीं निकल पा रही थी.

आगे और पीछे दोनों साइड से मेरी चुदाई हो रही थी.

इसी तरह वे लोग मुझे अलग-अलग पोजीशन बदल बदल कर चोद रहे थे और मैं किसी कुतिया रंडी की तरह उनके लोगों के नीचे अपनी जवानी नुचवा रही थी.

मुझे भी इस तरह खुले में रंडियों की तरह चुदाई करवाने में बहुत मजा आ रहा था.
उन दोनों ने अपने धक्कों की स्पीड बहुत बढ़ा दी थी.

मैं समझ गई कि अब ये दोनों छूटने वाले हैं.
मैंने उन्हें सारा माल मेरे मुँह पर झाड़ने को कहा.

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उन्होंने मुझे बैठा दिया और अपने लंड हिलाने लगे.
देखते ही देखते उनके लंड से तेज सफेद माल की धार छूटी और मेरा पूरा चेहरा और बूब्स भर गए, मेरे पूरे शरीर पर उनका गाढ़ा माल गिर गया.

उन दोनों के चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे पर मैं अभी भी संतुष्ट नहीं थी.
मुझे अभी और चुदना था.

तो मैंने उनके लंड पकड़े और उन्हें फिर से चूसने लगी.
देखते ही देखते उनके लंड फिर से मुझे चोदने को तैयार हो गए.

उसमें से एक जाकर देसी शराब का हाफ ले आया और मेरे मुँह से बोतल लगा दी.

मैंने देसी दारू पहली बार पी थी … साली कलेजे में आग की लकीर सी उतरती चली गई.

देसी दारू ने जल्दी ही मेरी खोपड़ी खुमा दी और मैं गाली बकने लगी- आ जाओ माँ के लौड़ो, फाड़ दो मेरी चूत गांड एक साथ पेल दो.

यह सुनकर उनमें से एक ने मुझे अपने लंड पर बिठा लिया और दूसरा पीछे से मेरी गांड में लंड डालने लगा.

इस तरह उन्होंने मुझे सैंडविच बना दिया और चोदने लगे.
यह पहली बार था जब मैं एक साथ अपनी चूत और गांड दोनों चुदवा रही थी.

इस तरह की सैंडविच चुदाई वाकयी बहुत मजेदार थी. दारू सर पर चढ़ कर बोल रही थी.
मैं चिल्ला चिल्ला कर लंड ले रही थी- आह सालो, क्या चोदते हो … आज तो मजा आ गया … आह पेलो और पेलो.

मैं चिल्ला चिल्ला कर रोड सेक्स का मजा लेने लगी और वे दोनों ही पूरे मज़े से मुझे चोद रहे थे.

करीब बीस मिनट की घमासान चुदाई के बाद वह फिर से झड़ने को हो गए.
उन्होंने अपना माल मेरी चूत और गांड में ही छोड़ दिया.

रोड सेक्स में इस बार मैं भी पूरी तरह संतुष्ट हो गई थी.

मैं नंगी उठी और चारों ओर अपने कपड़े ढूंढने लगी.
मेरी पैंटी और ब्रा तो वह लोग पहले ही फाड़ चुके थे.

मुश्किल से मुझे अपना टॉप और स्कर्ट मिला.
मैंने तुरंत अपने कपड़े पहने और ब्रिज से वापस सड़क पर आ गई.
वहां से अपने घर के लिए निकल ली.

मैंने एक बार भी पीछे की ओर मुड़ कर नहीं देखा.
मुझे डर था कि कोई मुझे देख ना ले क्योंकि मैंने ना तो ब्रा पहन रखी थी … ना ही पैंटी.
उन कपड़ों में मेरा पूरा शरीर दिख रहा था.

जैसे मैं लड़खड़ा कर चल रही थी, उससे मेरे बूब्स उछल उछल कर मेरे टॉप से बाहर आ रहे थे और मेरी गोल मटोल गांड मेरी स्कर्ट से दिख रही थी.

मैं जैसे तैसे अपने घर पहुंची और चुपचाप अपने रूम में चली गई.
वहां जाकर पहले तो मैंने अपने गंदे कपड़े बदल दिए और फिर एक टब गर्म पानी से अच्छा सा बाथ लिया.

बाथ लेते समय मैंने एक हार्ड पैग व्हिस्की का बनाया और बिना पानी या सोडा के नीट ही पीते हुए गर्म पानी से अपने बदन की सिकाई का मजा लेने लगी.

मेरी गांड पूरी खुली हुई थी तो गांड में गर्म पानी बड़ा मजा दे रहा था.

नहाने के बाद मैं एक छोटी सी फ्रॉक बहन कर बिना पैंटी के नंगी ही सो गई.

दोस्तो, इस तरह से मैंने उन दोनों अजनबी मजदूरों से अपनी चूत और गांड की जबरदस्त चुदाई करवाई.

आपको मेरी न्यूड गर्ल रोड सेक्स स्टोरी कैसी लगी, प्लीज मुझे कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं.
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