बारिश में रिसेप्शनिस्ट की चूत चुदाई का मजा-1

पंजाबी गर्ल हॉट सेक्स का मजा मुझे दिया एक होटल की रिसेप्शनिस्ट ने! मैं उस होटल में रुका था और उससे दोस्ती हो गयी थी. बारिश में मैं उसे घर छोड़ने गया तो …

दोस्तो, मैं समीर एक बार फिर से आपकी सेवा में मस्त चुदाई कहानी के साथ हाजिर हूँ.

आपने मेरी मकान मालकिन फहीमा के साथ शिमला में हनीमून मनाने वाली चुदाई कहानी पढ़ी थी.

फहीमा को चोदने के बाद मैं चंडीगढ़ वापस आ गया था.

घर वापिस आने के दो दिन बाद ही फहीमा के किसी नजदीकी रिश्तेदार का फोन आया.
उसके उस रिश्तेदार की तबियत बहुत खराब आने के कारण वे लोग फहीमा को बुला रहे थे.

उनके बार बार कहने के कारण वह मना न कर सकी और उसने शनिवार तक आने का वादा कर दिया.

शनिवार को वो चली गयी हालांकि उसका जाने का जरा भी मन नहीं था.
लेकिन वहां जाने के बाद वह वहीं पर अटक गयी.

अब लगभग 15 दिन हो गए थे लेकिन वह नहीं आई.
उसके अभी कुछ और दिन भी आने के चांस नहीं थे.

शुक्रवार का दिन था और मैं ऑफिस निकला तो बाहर बारिश होने लगी.
मैंने बाहर से ही कुछ खाने का सामान और दारू पीने का मन बना लिया.

मैं गाड़ी से सामान लेने निकल पड़ा.

संयोग की बात थी कि रास्ते में मैं उसी होटल के पास से निकला जिसमें मुझे वो मस्त रिसेप्शनिस्ट मिली थी. उसी ने मुझे फहीमा का घर किराए पर दिलाया था.
उस रिसेप्शनिस्ट का नाम सिमरन कौर था. उसकी हाइट लगभग 5 फीट 7 इंच, उसकी चूचियां 36 इंच और गांड 38 इंच की होगी.

जब मैंने घर दिलाने के लिए उसको धन्यवाद किया तो उसने मुझे गले लगा लिया था और कहा था कि ऐसे सिर्फ थैंक्यू से काम नहीं चलेगा, पार्टी देनी पड़ेगी।

मैं होटल के पास के बस स्टैंड से निकल रहा था कि मुझे वह दिखाई दे गयी.
मुझे लगा कि हो सकता है वो अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हो.

मैंने उसके पास जाकर पूछा- हाई सिमरन … किसका इंतजार कर रही हो?
वो मुझे देख कर मुस्कुराई और बोली- अरे आप … मैं बस का इंतजार कर रही हूँ.
मैंने कहा- मैं तुम्हें छोड़ देता हूँ.

उस पर वो बोली- मैं अब पहले वाली जगह नहीं रहती हूँ, तुम्हारे लिए दूर पड़ेगा.
मैंने कहा- कोई बात नहीं, तुम्हें इस मौसम में ऐसे नहीं छोड़ सकता, तुम्हारा बॉयफ्रेंड लेने आ रहा हो तो कोई बात नहीं है.

उस पर वो बोली- मेरा एक महीने पहले उससे ब्रेकअप हो गया है.
मैंने कहा- फिर क्या बात है, आ जाओ.

वो गाड़ी में बैठ गयी.
वहां से मैंने गाड़ी शराब की दुकान के पास लगा दी और उससे पूछा- तुम्हें कुछ लेना है?

उसने भी अपना ब्रांड बताया.
मैंने भी उसी ब्रांड की लेना ठीक समझा.

शराब लेने के बाद चिकन पैक कराया और उसके घर के लिए निकल पड़ा.

रास्ते में बारिश तेज होने के कारण उसके घर तक पहुंचने में थोड़ी देर लग गयी.

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उसके घर पहुंचने पर उसने अपने उधार याद दिलाया और उस दिन की तरह ही फिर से आंख मार दी.

फहीमा के जाने के बाद मेरे लौड़े को भी कोई और चूत नहीं मिली थी और उसके बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप वाली बात से मेरे लौड़े को भी चूत की महक आने लगी थी. हॉट पंजाबी गर्ल सेक्स का मजा मुझे मिल सकता था.

उस पर वो लगभग 28 साल की मस्त पंजाबी कुड़ी थी.

उसके घर पहुंचते-पहुंचते बारिश भी तेज हो गयी थी.
वो गाड़ी से उतरने से पहले मुझसे बोली- अन्दर आ जाओ.
मैं अन्दर आ गया.

घर में अन्दर पहुंच कर उसने मुझे बिठाया और खुद अन्दर कमरे में जाकर अपनी नाइटी पहनी और मुझे भी एक कुर्ता पाजामा पहनने के लिए दे दिया.
मैंने नानुकुर करके उसका मन टटोला.

उसने डांट कर कहा- अब तुम दो रात यहीं रुकोगे, मुझे तुमसे पूरी वसूली करनी है.
मैं समझ गया कि इसकी चूत भूखी है.

मैंने सामान खोला वो गिलास और प्लेट चम्मच आदि ले आई.
उसने फटाफट दोनों के लिए पैग बनाए और चियर्स बोल कर अपना गटगट करके खींच लिया.

शायद बारिश की वजह से उसने शुरू में तेजी से पैग खींचा था हालांकि वो मुझसे ज्यादा बेवड़ी थी और देखते ही देखते झट से दो पैग खींच गयी.
जबकि मेरा पहला पैग ही था.

वैसे भी मुझे शराब बहुत ज्यादा पसंद नहीं है और कभी कभार ही पीता हूँ, वह भी आराम आराम से.
मैंने सिगरेट सुलगा ली और उसकी चूचियों की तरफ देखने लगा.

उसने अपनी नाइटी के आगे के बटन खोल दिए थे जिससे ब्रा में कैद उसकी संगमरमरी चूचियां मुझे मदहोश करने लगीं.

थोड़ी देर में ही उसने काफी शराब पी ली थी और उसके देखने का अंदाज़ बिल्कुल नशीला हो गया था.

वासना उसकी आंखों में साफ झलक रही थी लेकिन वो होश में थी और ठीक से बात कर रही थी.
उसकी निगाहों ने मेरी नजरों को ताड़ लिया था और वो अपनी नाइटी को कुछ और खोल कर मुझे उत्तेजित करने लगी थी.

मैंने उसकी चूचियों को वासना से देखा तो वो बोली- अभी चूसना हो तो अभी खोल दूँ?
मैंने कहा- एक साथ ही सब हो जाएगा.
वो अश्लील भाव से हंसी और पैग खत्म करने लगी.

शराब का दौर चलने के बाद खाना खाया और बर्तन रखने के बाद हम दोनों आपस में बात कर रहे थे.
उसने अचानक ही कहा- आजकल फहीमा की अच्छी चुदाई चल रही है.

ये सुनते ही मैंने कहा- क्या कह रही हो, फहीमा जैसी खतरनाक औरत … तुम्हें पता भी है, वो पास भी नहीं आने देती है.
इस पर वो बोली- झूठ मत बोलो, फहीमा में आए अंतर से साफ पता लग रहा है कि आजकल उसकी मस्त चुदाई चल रही है और ये भी मुझे पता है कि तुम ही उसकी चुदाई करते हो.

उसके चेहरे पर आई मुस्कान से साफ पता चल रहा था कि वो ये कह रही है कि मुझसे झूठ मत कहो.
वो चिकन का लेग पीस चूसती हुई बिल्कुल लंड चूसने जैसा इशारा कर रही थी.

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सिमरन- तुम्हारे चेहरे को देखकर भी पता लगता है कि तुम उसकी खूब चुदाई करते हो और उसकी गांड का भी बाजा बजा चुके हो.
मैंने हंस कर उससे पूछा- तुम ऐसा कैसे कह सकती हो?

हालांकि मुझे औरतों की छठी इंद्री का अहसास बखूबी है जो आदमी के अन्दर का भी पता लगा लेती है.

अब वो ऐसा कुछ बोली, जिसने मुझे हैरान कर दिया.

वो बोली- पहली बार में ही मुझे लग गया था कि तुम तगड़े चोदू हो और बिना चूत के तुम्हारा काम नहीं चल सकता. कोई न कोई चूत का तुम इंतजाम कर ही लोगे. मेरे होटल में दिए ऑफर के बाद भी तुम नहीं आए तो मैं समझ गयी. मैं एक दिन फहीमा से मिलने गयी थी तो पता लगा फहीमा कहीं गयी है और तुम्हारा फोन भी ऑफ था. बस मैं समझ गयी, तुमने फहीमा की चूत में अपना लौड़ा घुसेड़ दिया है और उसकी लगातार चुदाई चल रही है.

मैं हंस दिया.

वो- अब ये सब छोड़ो, मुझे कैसे चोदोगे … ये बताओ.
उसने बेझिझक सीधा सवाल पूछ लिया.

बाहर आंगन में बारिश लगातार हो रही थी.
मैंने भी संकोच छोड़ कर सीधा कहा- ये बताओ कि अन्दर चुदना पसंद करोगी या बाहर आंगन में बारिश के बीच.
वो बोली- बड़े रोमांटिक चोदू लगते हो. ये सवाल तो मेरे बॉयफ्रेंड साले ने भी कभी नहीं पूछा.

मैंने कहा- अब मेरे लौड़े से चुदवाना है या बॉयफ्रेंड को बीच में लाएगी.
उसने झट से सुनते ही अपनी नाइटी उतार दी.

अपने सामने उसकी टाइट ब्रा पैंटी देखकर मेरा लंड भी सलामी देने लगा क्योंकि उस पंजाबन सिमरन का शरीर एकदम कसा हुआ था और उसका बदन एकदम मलाई सा था.
मैंने उस पंजाबी गर्ल को अपने पास बुलाया और उसको अपने सामने बैठा कर उसके मुँह को अपने मुँह से लगाकर उसके रसीले लबों को चूसने लगा.

होंठों पर होंठ लगते ही उसकी हॉट पंजाबी गर्ल सेक्स वासना से आह निकल पड़ी.
साफ़ लग रहा था कि ब्रेकअप के बाद से लौड़े से चुदाई न होने के कारण उसकी चूत बहुत चुदासी हो गयी थी.

उसने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी और मेरी जीभ का रस लेने लगी.
बदले में मुझे भी उसकी जीभ का रस पीने को मिल रहा था.

इसी दौरान मैंने उसकी ब्रा उतार दी और उसकी मस्त चूचियों को दोनों हाथों से दबाने लगा और उसकी चूचियों के चूचुकों को थोड़ा सा जोर से दबाने लगा.

बस फिर क्या था … वो एकदम जोर से कराहती हुई बिन पानी मछली की तरह तड़पने लगी.
मगर मैंने भी उसको एक हाथ को पीछे लगा कर उसको थामे रखा.

मैंने धीरे से थोड़ा नीचे होकर उसकी एक चूची पर अपना मुँह लगा दिया और एक-एक करके उनको चूसने लगा.
साथ ही चूसते चूसते बीच में उसके चूचुक को थोड़ा सा काट लेता, जिससे वो और मस्ता जाती और जोर से कराहने लगती.

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वो बोली- जरा मस्ती से चूसो न … काफी दिनों से मेरे ठोकू ने मेरे आम चूसे ही नहीं हैं.
मैंने भी कहा- अपने हाथ से चुसाओ.

वो अपना एक दूध मेरे मुँह में देने लगी और मादकता से मेरे मुँह में दबे निप्पल को अपनी दो उंगलियों से ऐसे दबाने लगी, जैसे वो किसी बेबी को दूध पिला रही हो.
इसी तरह उसने अपने दोनों थन मुझसे चुसवाए और बोली- अब चूत पर आ जाओ.

मैंने भी एक हाथ से उसकी पैंटी उतार दी, जिसमें उसने भी ऐसे सहयोग किया मानो उसको चुदवाने की ज्यादा जल्दी थी.
खैर … मैंने चूचि से नीचे उसके नाभि के आस पास में चाटते हुए उसकी नाभि में अपनी जीभ डाल दी.

उसकी मादक आवाज़ों से साफ लग रहा था कि वो पूरी मस्त हो गयी है.
इसके बाद मैंने अपने भी सारे कपड़े उतार दिए.

अब मैंने उसको अपनी बांहों में भरकर लाइट बंद कर दी और उसको ऐसे नंगी ही बाहर खुले आंगन में ले आया.

आंगन में उसको लिटा कर मैंने नाभि में अपनी उंगली डाल दी और उसकी चूत के पास जाकर अपनी जीभ फेरने लगा.
बारिश में भी उसकी सेक्सी आहें साफ सुनाई दे रही थीं.

हालांकि खुला आंगन होने के कारण उसकी तेज हो रही आवाजों से मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था कि कहीं कोई सुन न ले.
लेकिन बारिश की आवाज से थोड़ा डर कम हो गया था.

उसकी चूत के आसपास चाटने के बीच में मैंने अपनी बीच की उंगली उसकी चूत में घुसेड़ दी.
उंगली एकदम से गीली चूत में अन्दर चली गयी जिससे साफ हो गया कि उसकी चूत शायद पानी छोड़ चुकी थी और अन्दर तक गीली हो गयी थी.

मेरी उंगली एक गर्म भट्टी के लावे में अन्दर बाहर हो रही थी.
थोड़ी देर उंगली अन्दर बाहर करने पर वो इतनी ज्यादा गर्म हो गयी कि उससे रुका नहीं जा रहा था.

उसने 69 की अवस्था में आकर तुरंत मेरे कड़क हो गए लौड़े को मुँह में ले लिया.
उधर मैं उसकी चूत की उंगली से चुदाई कर रहा था.

दूसरी ओर सिमरन मेरे लौड़े को पूरा मुँह में ले रही थी, जो उसके गले तक जाता हुआ लग रहा था.
मगर वो इतनी भूखी थी कि लंड बाहर नहीं निकाल रही थी और जितना हो सक रहा था, लंड को पूरा मुँह में लेना चाहती थी.

दोस्तो, बारिश में रिसेप्शनिस्ट की चूत चुदाई का मजा किस तरह से आया, इसको मैं पंजाबी गर्ल हॉट सेक्स कहानी के अगले भाग में पूरा लिखूँगा.
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