सेक्स वर्कर लड़का लड़की की चुदाई कहानी

XxX कॉल गर्ल सेक्सी लाइफ स्टोरी एक जिगोलो लड़के और उसकी साथी काल गर्ल की आप बीती है. दोनों एक साथ रहते थे और एक दूसरे की मदद करते थे.

दोस्तो, मैं संतोष आपके सामने अपनी एक ऐसी सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ जिसमें मुझे अपने साथ सेक्स का धंधा करने वाली लड़की संजना के साथ काम करने का मौका मिला.

उस लड़की संजना से मेरी पटने लगी और हम दोनों एक साथ एक फ्लैट में रहने लगे.

हमारी मुलाक़ात का ये सारा वाकिया आपने मेरी पिछली सेक्स कहानी
गांड के शौकीनों ने मुझे मेल प्रोस्टीटयूट बना दिया
में पढ़ा था. उसका लिंक ऊपर दे दिया है.

उस सेक्स कहानी को पढ़ लेने से आपको आगे पढ़ने में ज्यादा मजा आएगा.

तब भी मैं उस सेक्स कहानी का कुछ हिस्सा इधर लिख देता हूँ.

चार दोस्त सुनील, अजय, रवि, राजेंद्र मुझे और एक कॉल गर्ल संजना को यौन आनन्द लेने महाबलेश्वर के एक रिसॉर्ट में ले गए.

संजना रवि, राजेंद्र के इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के पार्टी में बार गर्ल का काम करती थी.
उसको अपने ग्राहक पार्टी के दौरान मिलते थे.

संजना से मेरी दोस्ती हो गयी, हम दोनों पुणे वापस आकर एक फ्लैट किराये पर लेकर पति पत्नी के परिचय से रहने लगे.

मैं भी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के पार्टी में बार पर काम करने लगा.
अब मैं अपनी पहली पार्टी की सेक्स कहानी लिख रहा हूँ, मजा लीजिए XxX Call Girl Sexy Life Story का!

मैं और संजना एक शादी की सालगिरह की पार्टी में शराब के काउंटर पर काम कर रहे थे.
हम दोनों छोटे हाफ पैंट और बिना बांह की टी-शर्ट पहने हुए थे.

संजना काफी सेक्सी लग रही थी.

मेहमान काउंटर पर आकर संजना को पटाने की कोशिश करते, यदि कोई उसका फ़ोन नंबर मांगता, संजना उसको दे देती.

हमें मालूम था कि दूसरे दिन फ़ोन आया तो फोन पर ही रेट तय हो जाएगा.

मैं भी सुंदर दिख रहा था.
वैक्सिंग आदि से मैंने अपना बदन चिकना बनाया था.
मेरे छोटे छोटे चूचे उभर कर दिख रहे थे, जो मैंने ब्रेस्ट पंप से बनाए थे.

कुछ गांड मराने या मारने के शौक़ीन पुरुषों की कामुक नजर मेरे चिकने बदन पर गड़ गई थी.

उसी तरह से कुछ प्यासी महिलाओं को भी मैं जंच गया था, उन्होंने मेरा भी फ़ोन नंबर ले लिया.

मैंने आज तक किसी स्त्री के साथ सेक्स नहीं किया था.
ये मेरे लिए एक अनोखा अवसर होने वाला था.

पार्टी के बाद फ्लैट पर वापस आकर मैंने संजना को बताया कि महिलाओं ने भी मेरा नंबर लिया है. स्त्री के साथ सेक्स का मुझे कोई अनुभव नहीं है.

संजना- तुम पहली महिला ग्राहक को बताना तुम्हें स्त्री के साथ सेक्स का अनुभव नहीं है, वह ख़ुशी से तुम्हें सिखा देगी. हां, कंडोम जरूर लगाना.
मैं तुम्हें तरीके से सुरक्षित चूत चाटना, चूसना सिखा देती हूँ.

संजना ने मुझे डेंटल डैम दिया और वो अपनी पैंटी खोल कर लेट गई. संजना ने डेटल डैम मेरे मुँह पर लगाया और मुझे चूत चूसना सिखाया. यदि डेंटल डैम* नहीं हो तो कंडोम को लम्बा काटकर कैसे चूत पर बिछाते हैं, वो सिखाया.

संजना बोली- और एक बात, जब कोई ग्राहक का फ़ोन आए तो तुम स्पीकर पर रखना. उसके साथ कितना रेट तय करना है, मैं तुम्हें बताऊंगी.

कुछ ही देर में मेरे फ़ोन पर कॉल आया, कोई महिला बोल रही थी.
उसने कहा- हम पार्टी में मिले थे, मुझे बात करनी है.

मैंने फ़ोन स्पीकर पर किया.
संजना सुनने लगी.
उसके हाथ में पेन, कागज़ था.

महिला बोली- संतोष क्या कल शाम को तुम आ सकते हो, पूरी रात के लिए? मैं और मेरी एक सहेली रहेंगे. तुमको कितने रूपये देने होंगे?

संजना ने कागज़ पर दस हज़ार लिखा.
मैंने फ़ोन पर कहा- दस हज़ार.

महिला तुरंत राज़ी हो गयी.
उसने पास के गार्डन में 6 बजे आने को कहा.

मैंने संजना से पूछा- हमें 3 दिन के बीस हज़ार मिले और ये महिला एक रात के दस हज़ार को राजी हो गयी?
संजना- रेट तय करना मैंने बहुत गलतियों के बाद सीखा. ये अमीर महिला हैं, बहुत कम बोलोगे तो नहीं बुलाएंगी. महाबलेश्वर में हम रवि, राजेंद्र के साथ गए थे, उनके यहां मैं नौकरी करती हूँ. उन लोगों ने बहुत मदद की, तुमको भी नौकरी मिली. वहां से ग्राहक मिलते हैं, वे लोग और भी कम देते तो भी मैं कुछ नहीं बोलती.

मैं समझ गया कि पार्टी आदि में जाने का क्या फायदा होता है.
अब मेरी पहली महिला ग्राहक मेरा लक्ष्य थी.

मैंने दूसरे दिन शाम को जाने से पहले अपनी गांड साफ की और नहाकर तैयार हो गया.
अपने बैग में एक्स्ट्रा कपड़े, कंडोम, के-वाई जैल, डेंटल डैम आदि ले लिया.

शाम 6 बजे गार्डन के गेट पर पहुंच कर इन्तजार करने लगा.

एक 43-45 उम्र की महिला कार लेकर आयी; उसने मुझे कार में बैठने को कहा.

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मैं बैठ गया और कार चल पड़ी.
कार एक बंगले के अन्दर रुकी.

दरवाज़ा एक महिला ने खोला, मुझे अन्दर ले जाकर सोफे पर बिठाया.
मैंने दोनों महिलाओं को गौर से देखा, दोनों एक सी उम्र की लग रही थीं.

दोनों स्कर्ट ब्लाउज पहने हुई थीं, उनका बदन भरा हुआ था. बड़ी चूचिया ढीली सी और थोड़ी लटकी सी थीं.
चेहरे से अमीर घर की लगती थीं.

मैं उनके बारे में मीना और सीमा के नाम से लिख रहा हूँ.

मीना- संतोष, तुम इस काम में कितने समय से हो और तुम्हारी उम्र क्या है, तुमने कभी किसी लड़की के साथ सेक्स किया है?
मैं- मेम मेरी उम्र 20 साल है, मैं अभी एक महीने से यह काम कर रहा हूँ. मैं अब तक सिर्फ पुरुषों के पास ही गया हूँ, मैंने कभी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया. मेरी दोस्त को जब पता चला कि मुझे किसी महिला ने बुलाया है, तो उसने मुझे डेंटल डैम का उपयोग सिखाया है.

सीमा- तुमने सच बता कर दिल जीत लिया है. हम तुम्हें सब सिखा देंगी. तुम्हारी दोस्त मतलब वही लड़की जो बार में तुम्हारे साथ करती है?
मैंने हां कहा.

मीना- संतोष, अपने सब कपड़े उतारो.
मैंने शर्माते हुए चड्डी छोड़कर बाक़ी कपड़े उतार दिए.

मीना सीमा की तरफ देखकर बोली- देखो संतोष कैसा शर्मा रहा है.

उसने चड्डी की तरफ इशारा करके कहा- यह भी उतारो.
मैंने चड्डी उतार दी.

मेरे चिकने और स्वस्थ बदन को देखकर दोनों खुश हो गईं.

सीमा मीना से बोली- देख इसकी छोटी सुंदर चूचियां, जैसे हमारी स्कूल के दिनों में थीं … आज मजा आएगा.
दोनों महिलाएं सोफे पर बैठ गईं और अपनी चूत की तरफ इशारा करके बोलीं- चूसो.

मैंने डेंटल डैम लगाया और एक महिला की जांघों के बीच घुटनों के बल बैठ गया.
उसने अपना स्कर्ट उठाया.

उसने पैंटी नहीं पहनी थी, उसकी चूत पर बाल नहीं थे.
मैं उसकी चूत चाटने-चूसने लगा, जैसा संजना ने सिखाया था.

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मैंने दोनों की चूत बहुत देर तक चाटी, चूसी.
मेरा लंड खड़ा नहीं हुआ, उन्होंने मुझे खड़ा होने का कहा.

सीमा ने मेरे लंड की तरफ इशारा करके कहा- यह अभी तक सो रहा है, क्या जागता नहीं है?
मैंने अपनी चूची की तरफ इशारा करके कहा- जब लड़के इसको दबाते, चूसते हैं तब जागता है.

दोनों ने मेरे दोनों तरफ खड़े होकर मेरी एक एक चूची पकड़ ली, उसको दबाने, चूसने लगीं.
जल्द ही मेरा लंड खड़ा हो गया.

मीना मेरे 6 इंच लम्बे खड़े लंड को सहलाने लगी और बोली- इसका लंड इसकी तरह सुंदर है.

फिर उसने मुझे पीठ के बल पलंग पर लिटा दिया, मेरे लंड पर कंडोम लगा दिया.
लंड की जड़ के पास रबर बैंड जैसा कुछ लगा दिया.

बाद में मुझे पता चला, उस रबर बैंड को पेनिस रिंग कहते हैं, जो लंड बहुत देर तक झड़ने नहीं देता है.

मीना मेरे ऊपर चढ़ गयी.
उसने मेरे लंड को अपनी चूत में डाला और उछलने लगी.

काफी देर बाद उसकी चूत से ढेर सारा पानी निकाला.
वह थक गई थी तो आराम करने लगी.

सीमा मेरे ऊपर चढ़कर मेरा लंड चूत में लेकर उछलने लगी.
दोनों उछलने के समय सीत्कारी भर रही थीं.

मेरा लंड दर्द कर रहा था, मैं झड़ नहीं रहा था.
उसकी चूत से भी बहुत सा पानी निकला.

अब मीना अपने पांव फैलाकर लेटकर बोली- संतोष, मेरे पैरों के बीच आ जाओ.
मेरे आते ही उसने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद में रखकर कहा- अब पेल दे … इसे अन्दर डाल दे.

मैंने एकदम से पेल दिया.
वह कराह कर बोली- आंह मजा आ गया … अब जैसे हम उछल रहे थे, तुम भी उछलो.

मैं उछलने लगा.
वह बोली- इसको चोदना कहते हैं, तुझे मजा आ रहा है?
मैंने कहा- हां.

वो बोली- मेरे चूचे मसलो और मुझे चोदो.
मैंने उसे रगड़ना चालू कर दिया.
कुछ ही देर में उसकी चूत से फिर से पानी निकल गया.

उसके झड़ने के बाद अब सीमा पांव फैलाकर लेट गयी और बोली- अब मुझे चोदो.
मेरा लंड रबर बैंड की जगह दुःख रहा था.

मैं बोला- प्लीज इसको निकालिए.
उसको दया आ गयी, उसने रबर बैंड निकाल दिया.

मैं सीमा को चोदने लगा.
वो भी कमर उछाल रही थी.

काफी देर बाद उसकी चूत से ढेर सा पानी निकला, वह निढाल हो गयी.
थोड़ी देर बाद मैं भी कंडोम में झड़ गया.

मैंने कंडोम डस्ट बिन में डाल दिया और लंड धोकर कमरे में आ गया.

दोनों महिलाएं पलंग पर नंगी लेटकर सुस्ता रही थीं.
उन्होंने मुझे अपने बीच लिटा लिया.

मीना – संतोष, कैसा रहा तुम्हारा अनुभव?
मैंने कहा- बहुत अच्छा.

सीमा- अगली बार तुम्हारी डॉक्टरी जांच के बाद बुलाएंगे. बिना कंडोम, डेंटल डैम के सेक्स में अलग मजा है.
मैंने कहा- मेरी दस दिन पहले जांच हुई है. मैं लड़कों के साथ गया था. जाने से पहले लड़कों की भी डॉक्टरी जांच हुई थी.

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मैंने अपने बैग से डॉक्टर की दी रिपोर्ट दिखाई और बताया- उसके बाद मैं और किसी के पास नहीं गया.

महिलाएं यह सुन खुश हो गईं.

एक मुझे आलिंगन में लेकर मेरे होंठ चूमने लगी. उसके बड़े स्तन मेरी छाती में दबे थे, मुझे सुकून मिल रहा था.

महिला ने कहा- चलो खाना खा लेते हैं. बाद में अगला राउंड होगा.

रात के आठ बजे थे, हमने नंगे ही बैठकर हल्का खाना खाया.
हम तीनों सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगे.

आधे घंटे बाद उन्होंने मुझे टेबलेट देकर कहा- इसे निगल लो, ज्यादा देर टिकोगे.

दस मिनट बाद मेरी सेक्स की इच्छा होने लगी.

दोनों महिलाएं मेरे दोनों तरफ बैठी थीं, मेरी जांघ सहला रही थीं, लंड छू रही थीं.

मैं भी उनकी मोटी मांसल जांघों पर हाथ फेरने लगा, उनके बड़ी बड़ी चूचियों को दबाने, चूसने लगा.
मेरा लंड खड़ा हो गया.

दोनों महिलाएं मुझे बेडरूम में ले जाकर पैर फैलाकर पलंग पर लेट गईं.

एक अपनी चूत की तरफ इशारा करके बोली- बिना डेंटल डैम के चूसो.
मैं बारी बारी दोनों की चूत चूसने लगा.

एक कहने लगी- जीभ और अन्दर डालो.
उसकी चूत से काम रस निकलने लगा.
मुझे स्वाद अच्छा लगा, मैं काम रस चाट गया.

मैं उनको चोदने के लिए बेताब हो रहा था.

जैसे ही उन्होंने कहा कि अब ऊपर आकर अपना काम शुरू करो, मैं तुरंत मीना के ऊपर चढ़ गया और घमासान चोदने लगा.

वह सीत्कार भर रही थी.
मैं रूककर उसके चूचे दबाता, निप्पल चूसता फिर चोदने लगता.

थोड़ी देर बाद, वह बोली- मैं थक गयी अब तुम दूसरी के ऊपर चढ़ जाओ.
मैं सीमा को वैसे ही चोदने लगा.

कुछ देर बाद उसने मुझे रोका और बोली- अब डॉगी पोजीशन में करेंगे.

मीना डॉगी के समान पलंग के किनारे खड़ी हो गयी.
मैं ज़मीन पर खड़ा होकर अपने लंड पर लुब्रिकेशन लगाने लगा.

सीमा मेरे बाजू में खड़ी थी, मुझे सिखाने के लिए कि डॉगी पोजीशन में कैसे चोदते हैं.

मैंने अपना लंड मीना की गांड की छेद पर रखा, जैसे लड़के लोग मुझे डॉगी पोजीशन में चोदते हैं.
सीमा ने मुझे रोककर कहा- इधर नहीं, आगे वाले में करना है.

उसने चूत की तरफ इशारा करके कहा- इधर डालो.
मैंने मीना की कमर पकड़ी और उसकी चूत चोदने लगा.
बीच बीच में उसके कूल्हे पर चांटा भी मार देता.

जैसा लड़के लोग मेरे साथ ऐसा करते हैं, मैं वैसे ही करने लगा था.

चोदते समय मीना के चूचे डोल रहे थे.
काफी देर बाद उसने जोर की सीत्कारी ली, उसकी चूत से ढेर सा पानी निकल गया और वह पलंग पर लेट गयी.

सीमा अब डॉगी बनकर खड़ी हो गयी, मैं उसी तरह उसकी भी चुदाई कर रहा था.
कुछ देर बाद उसकी चूत से पानी बहने लगा.

वह कह रही थी- आह बस करो.
मैंने उसकी कमर पकड़ रखी थी, मैं चोदता ही रहा.

फिर मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी निकली और उसकी चूत में भर गयी.

मैं थककर लेट गया.
दोनों महिलाओं ने पानी पिया, फिर मुझे बाथरूम में ले गईं.

उधर उन्होंने मुझे घुटनों के बल बैठने को कहा.
मीना मेरे मुँह के पास अपनी चूत ले आकर बोली- इसमें मुँह खोलकर लगाओ और मेरा मूत पियो.

ये कहकर वह मूतने लगी, मैं मूत पीने लगा.
उसके बाद मैंने सीमा का मूत पिया.

वो दोनों खुश थीं, बोलीं- हमारे पति हमारा मूत नहीं पीते, तुमने हमारी यह इच्छा भी पूरी कर दी.
हम तीनों साथ में नहाए.

रात के 11 बजे थे.
हम तीनों को भूख लगी थी.

हमने कुछ खाया, उन्होंने मुझे गेस्ट रूम में सुला दिया.

सुबह तीनों ने साथ में नाश्ता किया.

दोनों महिलाएं बोलीं- हमें तुम्हारे साथ बहुत मजा आया, हम तुम्हें फिर से बुलाएंगी.

उन्होंने मुझे 12 हज़ार रूपए दिए.
मैंने कहा- मैंने तो 10 हज़ार बोले थे.

वह बोली- दो हज़ार तुम्हारे अच्छे काम के लिए.
उस महिला ने मुझे अपनी कार से उसी बगीचे के पास छोड़ा, जहां से मुझे लायी थी.

मैं घर आ गया.

फ्लैट पर ताला लगा था, मैं दरवाज़ा खोलकर अन्दर गया.

मैंने अपना मोबाइल चैक किया.
संजना का कल रात का मैसेज पड़ा था.
उसने लिखा था कि वह काम पर जा रही है और सुबह लौटेगी.

थोड़ी ही देर में संजना आ गयी, वह काफी थकी लग रही थी.

संजना- कल रात दो 50 की उम्र के पुरुषों ने बुलाया था. वे लोग जल्दी थक जाते थे, मुझे ही उनके ऊपर चढ़कर काफी देर मेहनत करनी पड़ी. दो दो बार किया जिस वजह से मेरे पैर और कमर दुख रहे हैं. रात के 2 बजे तक जगी थी. संतोष तुम बताओ तुम्हारा पहली बार दो महिलाओं के साथ सेक्स करना कैसा रहा, क्या क्या किया?

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मैंने विस्तार से उसे सब बताया.

संजना और मैंने एक दूसरे की मालिश की, एक दूसरे को नहलाया.
मैंने संजना से कहा- मैं दोपहर का खाना बनाता हूँ.

संजना सो गयी, सोते समय वह भोली और सुन्दर लग रही थी.
मैंने खाना बनाकर संजना को जगाया.

फिर 7 दिन बाद उन्हीं दो महिलाओं ने मुझे फ़ोन किया.
उन्होंने मुझे शाम को 6 बजे आने को कहा.

थोड़ी देर में संजना के फ़ोन की घंटी बजी, उसे भी दो पुरुषों ने 7 बजे आने को कहा था.

मैं 6 बजे उन महिलाओं के बंगले पर गया.
एक दौर चुदाई का होने के बाद मीना ने पूछा- संतोष तुमने कहा था तुम पुरुषों का (लंड) अपने पीछे (गांड में) ले लेते हो, दर्द नहीं होता?

मैं- पीछे लेने का लिए तैयारी करनी पड़ती है, पिछवाड़ा ढीला छोड़ना पड़ता है. उसकी सफाई करनी पड़ती है, लुब्रिकेशन लगाना पड़ता है.

सीमा- हमारे पति चाहते हैं कि वो हमारे पीछे डालें. उन्होंने कोशिश भी की, पर हमें बहुत दर्द हुआ. हमने नेट पर देखकर आस प्लग भी ख़रीदा, छेद ढीला करने के लिए, पर डाल नहीं पाए.
मैं बोला- आप लोग चाहें तो मैं सिखा सकता हूँ. वैसे आप दोनों के पति कहां हैं?

मीना- हां, हम सीखना चाहती हैं और हम दोनों के पति अब तुम्हारी बार पार्टनर संजना के साथ मजा कर रहे हैं, पतियों को पता है कि हम तुम्हारे साथ हैं.
मैंने दोनों महिलाओं को पिचकारी से गांड साफ़ करना सिखाया.

उन दोनों को नंगे पेट के बल पलंग पर लिटाया, अपनी एक उंगली में तेल लगाकर जब उनकी गांड में उंगली डालने लगा, तो वो दोनों अपनी गांड सिकोड़ रही थीं.
मैंने उनको पुचकार कर कहा- डरिये मत, ढीला छोड़िए.

मैं उनके चूतड़ की मालिश करने लगा.
जब उन्होंने गांड ढीली की, तब मैं दो उंगली अन्दर बाहर करने लगा.
उनका दर्द अब मजे में बदल गया.

मैंने ऐस प्लग में तेल लगाकर आहिस्ते से उनकी गांड में डाल दिया.
तब उनको चलने को कहा.

गांड में फंसा आस प्लग चलते समय छेद में रगड़ने से उनको मजा आ रहा था.

दोनों को जोश आ गया.
मुझे पलंग पर पीठ के बल लिटाकर, उन्होंने बारी बारी मेरे ऊपर चढ़कर मेरा लंड अपनी चूत में लिया और मुझे उछल कर चोदने लगीं.

चोदते समय वह बोल रही थीं- आज डबल मज़ा आ रहा है, आगे भी पीछे भी.

उन्हें संतुष्ट करने के बाद सुबह मैं घर चला गया.

अगले दिन रात को महिलाओं का फ़ोन आया- संतोष धन्यवाद, हम दोनों अपने पतियों का लंड अपने पीछे लेने में सफल हुईं, मजा आया.
फ़ोन स्पीकर पर था, उनके पतियों ने भी हमें धन्यवाद कहा.

अगली बार उन्होंने मुझे और संजना को एक साथ बुलाया.
दोनों पति और उनकी पत्नियां (मेरी पहली दो महिला ग्राहक) चारों वहां थे. दोनों पतियों की उम्र 50 थी, पर उस रात उनका जोश देखने लायक था.

पतियों ने अपनी पत्नियों की गांड एक ही पलंग पर हमारे सामने मारी.

पत्नियों ने मुझे उसी पलंग पर पीठ के बल लिटा दिया, कंडोम लगाकर मेरे लंड पर बैठकर मुझे चोदा.
थोड़ी देर बाद कंडोम लगाकर पतियों ने संजना की चूत मारी.

पत्नियों ने अपने पतियों से कहा- तुम लोग हमारा मूत पीने को राजी नहीं होते, देखो संतोष हमारा मूत ख़ुशी से पीता है.
दोनों महिलाएं मुझे बाथरूम में ले जाकर पैर फैलाकर खड़ी हो गईं.

मैंने एक की चूत में मुँह लगाया, वह मूतने लगी, मैं पीने लगा.
उस महिला के पति ने मुझे हटाया और बोला- तुमने मेरी बात मानकर अपने पीछे गांड में डालने को दिया, मैं अब तुम्हारी इच्छा पूरी करूँगा.

वह अपनी पत्नी का मूत पीने लगा.
दूसरा पति भी अपनी पत्नी का मूत पीने लगा.

उन्होंने संजना को 10 हज़ार रूपए दिए, मुझे 25 हज़ार देकर कहा कि 10 हज़ार आज की फीस, 15 हज़ार पत्नियों को पीछे लेना सिखाने के लिए.
उसके बाद उन्होंने हमें कई बार बुलाया.

इसके बाद की घटनाएँ आगे लिखूंगा.

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*डेंटल डैम – चूत या गांड चाटने पर इन्फेक्शन के डर से चूत को कंडोम जैसी पतली शीट से ढका जाता है, उस शीट को डेंटल डैम कहते हैं. असल में दांतों के डॉक्टर इस शीट को रोगी में मुख पर लगाकर ऑपरेट करते हैं.

XxX कॉल गर्ल सेक्सी लाइफ स्टोरी से आगे की कहानी: गांड चुत की सेक्स कहानी

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